12 सौ देवी-देवता जाएंगे हरिद्वार के कुंभ मेले में.

हरिद्वार में कुंभ मेले को ऐतिहासिक बनाने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को उत्तराखंड के 12 सौ देवी-देवताओं को (मूर्त रूप में) मेले में लाने के लिए आदेशित किया है। कहा कि देवी-देवताओं के लिए अलग से पंडाल की व्यवस्था करने के साथ ही ङ्क्षसघासन बनाए जाएं। जिसका नेशनल चैनलों के माध्यम से लाइव प्रसारण कराया जा सके। इस दौरान उन्होंने ढोल वादन को भी गिनीज बुक के वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने पर बल दिया। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बाजपुर रोड स्थित एक होटल में पर्यटन विभाग की समीक्षा की। इसमें कुमाऊं के साथ ही गढ़वाल के पौड़ी से भी अधिकारी मौजूद रहे। सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू हुई बैठक दोपहर एक बजे तक चली। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने होम-स्टे योजना और विवेकानंद सर्किट बनाने पर बल दिया। महाराज ने बताया कि लेखक गुडविल ने विवेकानंद पर काफी लिखा है। बताया कि विवेकानंद ने अल्मोड़ा, चिकागो, बद्रीनाथ, कौशानी व मायावती आश्रम आदि का भी भ्रमण किया। इसके साथ ही उन्होंने 13 जिले 13 डेस्टीनेशन के तहत पर्यटन की ²ष्टि से शंकराचार्य सर्किट श्री यंत्र, पांडव ट्रेल, मोदी ट्रेल, महात्मा गांधी ट्रेल आदि बनाने के साथ ही नव ग्रह, गोलू देवता, नाग देवता व वैष्णव देवता सर्किट बनाने को भी कहा।

होम-स्टे की वाट्सएप क्लिप बनाएं

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि होम-स्टे की वाट्सएप क्लिप बनाई जानी चाहिए। आदेशित किया कि प्रदेश के सभी डीटीओ (डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म ऑफिसर) विधायकों से परिचय करें। जिससे की लोकल स्तरीय पर्यटन स्थलों का पता लग सके। उत्तराखंड के मंदिरों के इतिहास की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। ताकि उनका संरक्षण व संवर्धन हो सके।

ऊधमसिंह नगर में एग्रीकल्चर टूरिज्म को करें प्रमोट

ऊधमङ्क्षसह नगर जिले में एक भी होम-स्टे रजिस्टर नहीं है। जिस पर महाराज ने कहा कि यहां एग्रीकल्चर टूरिज्म को प्रमोट किया जाना चाहिए। पुणे-मुंबई के आधार पर संस्कृति गांव बनाए जाएं। इसके लिए एडवांस सोच वाले 10 किसानों को जोड़ा जाए, जो बाहर से आने वाले लोगों के लिए उत्तराखंडी व्यंजनों के बारे में जानकारी दे सकें।